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Friday, 17 February 2017

ये कैसी लाइब्रेरी! यहां नहीं है कोई किताब फिर भी है ज्ञान का भंडार

मास्को: लाइब्रेरी का नाम आते ही हमारे दिमाग में किताबों से भरे किसी कमरे और वहां सीरियस होकर पढ़ाई करते लोगों की छवि आती है. ऐसे में हम कई बार सोचते हैं कि काश ऐसी लाइब्रेरी हो जहां लाइट मूड में भी ज्ञान हासिल करने की सुविधा हो. लोगों की इसी इच्छा का ख्याल रखते हुए रूस की राजधानी मास्को में एक अनोखी लाइब्रेरी बनाई गई है. यहां एक भी किताब नहीं हैं फिर पढ़ने के लिए काफी सामग्री है. यह लाइब्रेरी पूरी तरीके से बर्फ पर तैयार की गई है. यहां पढ़ाई की सारी सामग्री बर्फ की दीवारों पर है.

लाइब्रेरियन मैक्सिम ने बताया कि रूस के साइबेरिया का पर्यटन विभाग पर्यटकों को लुभाने के लिए कुछ अलग करना चाहता था. इसी को ध्यान में रखकर विभाग ने बर्फ की लाइब्रेरी बनाने की योजना बनाई गई.

इसे तैयार करने के लिए गोरा सोबोलिनिया के बैकल झील के पास बर्फ की ऊंची दीवारें तैयार कराई गई है, जो 8600 स्क्वॉयर फीट में फैला है. बैकल झील को एक अनोखा इको सिस्टम माना जाता है, जिसे यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज क्षेत्र घोषित कर दिया है.

उन्होंने बताया कि इस इस बर्फ की लाइब्रेरी को स्थापित करने के लिए स्थानीय लोगों से उनके सपने और इच्छाएंं लिखकर भेजने को कहा गया था. लोगों ने इस अनोखी लाइब्रेरी के लिए कई संदेश भेजे, जिसमें से हजार संदेशों को इन दीवारों पर लिखा गया है. 

यह लाइब्रेरी तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे हैं. इसकी दूसरी सबसे बड़ी खासियत यह है कि गर्मी शुरू होते ही यह पिघलकर झील में मिल जाएगी. यहां आने वाले लोग कह रहे हैं कि यह एक अच्छा प्रयास है. यहां सैर सपाटे के साथ ज्ञान हासिल करने का अच्छा मौका दिया गया है. यहां प्रकृति संरक्षण का भी संदेश दिया जा रहा है.

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